अपने बच्चों के प्रति, माता-पिता को सीख: सृष्टि

2021-08-15 13:58:36
कहानी: आजकल के माता-पिता गैर जिम्मेदार होते जा रहे हैं उनके पास काम कुछ नहीं होता लेकिन फिर भी कहते हैं कि काम बहुत ज्यादा है इसीलिए बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं उनके साथ ना कभी वक्त बिताते हैं ना उनके साथ कहीं बाहर घूमने टहलने जाते हैं ज्यादा से ज्यादा बच्चे मां अपने माता-पिता के पास जाते हैं तो उन्हें डांट कर भगा देंगे या फिर उन्हें फोन दे देंगे आज के जमाने में फोन दे देना बच्चों को बहुत आसान बात हो गई है लेकिन यह नहीं जानते कि इससे हमारे बच्चे का भविष्य खराब हो सकता है एक छोटे से शहर में रमेश नाम का एक आदमी अपनी मां बीवी बच्चे के साथ रहता था उसका बेटा यही कोई 7 से 8 साल का था बच्चे का नाम विशाल था वह लोग उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे जब भी उसे डांट देते थे वह अपनी दादी के साथ खेलता था घूमने टहलने जाता था जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया उसे भी यह लगने लगा कि मम्मी पापा मुझसे ज्यादा प्यार नहीं करते हैं वह पड़ोस के बच्चों के साथ खेलता था और उन्हें अपना दोस्त बना लिया लेकिन उसे नहीं पता था कि वह लोग गलत संगत के शिकार हैं वह लोग शराब पीते थे और जब भी सर उनके साथ रहने लगा तो वह लोग उसे भी पिलाने लगे और उसे भी शराब की लत लग गई थी फिर कुछ दिनों तक ऐसा चलता रहा फिर उसके मम्मी पापा ने उससे बात की देखा उसे क्यों आजकल बहुत अकेला रहता है उसकी दादी ने उसे बताया कि यह पड़ोस के बच्चों के साथ खेलने जाता है तो उसके मम्मी पापा को पता चला कि इसे शराब की लत लग गई है तो उसे मारने पीटने लगे तो उसकी दादी ने कहा कि बच्चे पर ध्यान नहीं देते और जब बच्चा गलत रास्ते पर चला जाता है तो उस पर ध्यान देते हैं और उसे मारने पीटने लगते हैं फिर उनके साथ में आया कि मुझे अपने बच्चे पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए इसीलिए सभी माता-पिता से मेरी विनती है कि अपने बच्चों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें जितना वक्त फालतू बात करके लोगों के साथ व्यतीत करते हैं उतना अपने बच्चे पर ज्यादा ध्यान दें क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य है और आप लोग बच्चों का ही भविष्य खराब करते हैं। नाम- सृष्टि श्रीवास, कक्षा 12, स्कूल- जनता इण्टर कॉलेज, कुसुवापुर, कुण्डा, प्रतापगढ़।

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